भरतपुर । अनुसूचित जाति-जनजाति अदालत की विशिष्ट न्यायाधीश ने भरतपुर में करीब 16 साल पुराने हत्या के एक मामले में तीन सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके बाद तीनों अभियुक्तों पर 20-20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया। बता दें कि तीनों अभियुक्तों ने एक व्यक्ति की लाठियों से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।
वरिष्ठ लोक अभियोजक रघुनंदनलाल शर्मा ने बताया कि करीब 16 वर्ष पहले 2003 में हत्या की वारदात कामां थाना इलाके में हुई थी। गौरतलब है कि इलाके के मुल्लाका गांव में किशनलाल के खेत पर रखी फसल की चुराने के लिए बदलू के पुत्र कुंवर, सम्मो और भगवान सिंह आए थे। जब किशनलाल ने तीनों चोर सगे भाइयों को ललकारा तो उन्होंने उसे जातिसूचक गालियां देते हुए लाठियों से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। जिसके बाद मृतक किशनलाल के पुत्र अमृतलाल ने तीनों आरोपियों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया था। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और जांच के बाद अदालत में उनके खिलाफ चालान पेश कर दिया। अदालत में आरोपियों के खिलाफ 15 गवाह और 30 दस्तावेज पेश किए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर अनुसूचित जाति-जनजाति अदालत की विशिष्ट न्यायाधीश प्रेमलता सैनी ने बुधवार को फैसला सुनाया। अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए उन्हें आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है।