भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा ने बताया कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने सदैव आस्था के मसलों पर सिर्फ झूठी घोषणाएं कर , राजनीति की है। कभी उन घोषणाएँ को पूरा नहीं किया।चाहे राम वन गमन पथ के निर्माण की बात हो या श्रीलंका में माता सीता जी के मंदिर के निर्माण की बात हो।
सलूजा ने कहा कि वर्ष 2007 में राम वन गमन पथ के निर्माण की घोषणा करने वाले शिवराज सिंह, अपने कार्यकाल के 11 वर्ष में भी राम वन गमन पथ का निर्माण नहीं कर पाए और ना इस पथ के निर्माण के लिए बजट में उन्होंने राशि का प्रावधान किया।प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद जरूर बजट में इस पथ के निर्माण के लिए राशि का प्रावधान किया गया है और राज्य की कांग्रेस सरकार अपने वचन पत्र के वादे के मुताबिक इस पथ का निर्माण जरूर करेगी।
वही वर्ष 2010 में श्रीलंका के नुवारा में अशोक वाटिका में माता सीता जी के भव्य मंदिर निर्माण का भूमि पूजन करने वाले शिवराज सिंह ,अपने कार्यकाल के 8 वर्षों में भी इस मंदिर का निर्माण कार्य शुरू नहीं करवा पाये।केंद्र में 5 वर्ष उनकी पार्टी की मोदी सरकार होने के बावजूद वह इस मंदिर के निर्माण को लेकर आवश्यक अनुमतियाँ तक हासिल नहीं कर पाये।सिर्फ समय-समय पर इस मंदिर के निर्माण को लेकर वह झूठी घोषणाएं करते रहे।
बड़ा ही आश्चर्य हो रहा है कि आज सरकार जाने के बाद वह 7 माह की कांग्रेस सरकार से श्रीलंका में माता सीता जी के मंदिर निर्माण की मांग कर रहे हैं।
शिवराज सरकार ने इन दोनों आस्था के मसलों पर सिर्फ राजनीति की।वर्षो -वर्ष तक इन घोषणाओं पर अमल करने की दिशा में उन्होंने कोई कार्य नहीं किया।
सलूजा ने कहा कि आज शिवराज सिंह चौहान प्रदेश की जनता को भ्रमित कर रहे हैं कि कांग्रेस सरकार माता सीता जी के श्रीलंका से जुड़ाव के तथ्यों की जांच करा रही है।जबकि यह कदापि सच नहीं है।उनका यह आरोप सरासर झूठा है।
हां यह जरूर सच है कि हम इस बात की जांच जरूर कराएँगे कि घोषणा करने के बाद शिवराज सरकार ने 8 वर्ष में इस मंदिर निर्माण के लिये क्या- क्या कदम उठाये।