जयपुर: भारतीय जनता पार्टी ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है. नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने सरकार पर दलित अत्याचार रोकने में नाकाम रहने का आरोप लगाया है. इस मामले को लेकर कटारिया की अगुवाई में राज्यपाल से बीजेपी का प्रतिनिधिमंडल भी मिला, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के दौरान भारतीय जनता पार्टी के एससी मोर्चा की सक्रियता पर भी बड़े सवाल खड़े होते दिखाई दिए.

भारतीय जनता पार्टी ने सरकार पर दलित अत्याचार रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया है. नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि सरकार बदलने के बाद प्रदेश में दलितों पर अत्याचार बढ़े हैं. खासतौर से महिलाओं के खिलाफ होने वाले अत्याचारों में बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार को सक्रियता दिखानी चाहिए और पुलिस को अलर्ट करते हुए ऐसे अपराधों को रोकना चाहिए. 

कटारिया ने पूर्ववर्ती बीजेपी सरकार के मुकाबले वर्तमान सरकार में हुए दलित अत्याचारों को लेकर आंकड़े भी राज्यपाल कल्याण सिंह को दिए. नेता प्रतिपक्ष की अगुवाई में बीजेपी के 25 सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल ने यह ज्ञापन राज्यपाल कल्याण सिंह को सौंपा. इस ज्ञापन में दो मांग प्रमुखता से उठाई गई जिसमें दलित अत्याचार के मामलों को फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की व्यवस्था करने की अपील के साथ ही थानागाजी जैसे मामलों में मुआवजे और सरकारी नौकरी जैसी कोई एक समान व्यवस्था करने की मांग की गई है.

इसके साथ ही गुलाब चंद कटारिया ने आने वाले दिनों में सरकार को घेरने के लिए और मजबूत रणनीति बनाने के भी संकेत दे दिए. कटारिया ने कहा कि 23 अगस्त को सभी जिला मुख्यालयों पर इस संदर्भ में बीजेपी के नेता प्रेस के सामने अपना पक्ष रखेंगे. उन्होंने कहा कि दलित अत्याचार का मुद्दा बीजेपी लोगों के बीच भी लेकर जाएगी.