जयपुर. राजस्थान में कोऑपरेटिव सोसायटी (Co-operative Society) से जुड़े एक बड़े घोटाले (Big Scam) में विशेष अभियान दल (SOG) ने चार्जशीट (Chargesheet) पेश किया है. आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी (Adarsh Credit Co-Operative Society) घोटाले में विशेष अभियान दल (एसओजी) ने 40 हजार पन्नों की चार्जशीट पेश की है.
एसओजी को वर्ष 2018 की जुलाई माह में इस सोसायटी के बारे में शिकायत मिली. 6 महीने की जांच में पता लगा कि सोसायटी ने देश के 20 लाख निवेशकों से 806 शाखाओं में रुपए जमा कराए. इन शाखाओं के जरिये सोसायटी ने करीब 14,800 करोड़ हड़प लिए. वर्ष 2018 के दिसंबर महीने में वीरू मोदी सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज हुआ.

धन दोगुना करने के नाम पर 20 लाख लोगों को ठगा

इस सोसायटी से जुड़े लोग धन दोगुना करने जैसे झांसे देकर लोगों से पैसे ठगती रहे. आदर्श सोसायटी ने करीब 20 लाख लोगों से ठगी ​की और करीब 14,800 करोड़ रुपए डकार लिए. इस सोसायटी ने निवेशकों के 12,414 करोड़ रुपये रिश्तेदारों और नौकरों की सैकड़ों फर्जी कंपनियों में बांटे. एसओजी ने 6 महीने की जांच के बाद मोदी परिवार के 11 के अलावा अन्य 3 लोगों को गिरफ्तार किया.
वर्ष 1999 में खोली थी पहली शाखा

वीरेंद्र और मुकेश ने सिरोही में वर्ष 1999 में पहली शाखा खोली थी. इसके बाद 4 साल के अंदर राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में 309 शाखाएं खोलीं. मोदी बंधुओं ने 2012 तक 806 शाखाएं खोल लीं. इस सोसायटी ने नोटबंदी के दौरान 223 करोड़ रुपये की करेंसी बदलने का काम किया.

एसओजी ने चार्जशीट में दिया ये तर्क

एसओजी ने चार्जशीट में तर्क दिया है कि मोदी बंधुओं ने इटली के ठग चार्ल्स पाेंजी की तरह ठगी को अंजाम दिया है. चार्जशीट में इस बात का भी जिक्र है कि चार्ल्स पोंजी ने 1920 के दशक में उत्तर अमेरिका और कनाडा में फर्जी कंपनियां खोलकर 20 मिलियन डॉलर का घोटाला किया था. वीरेंद्र, मुकेश, भरत और राहुल समेत उनके परिवार के लोगों ने इसी तरह सोसायटी खोलकर इतने बड़े घोटाले को अंजाम दिया.